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CrPC 213 BNSS में: धारा 236
When manner of committing offence must be stated
CrPC
213
BNSS
236
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 213 "When manner of committing offence must be stated" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 236 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 213 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 213 (When manner of committing offence must be stated) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 236 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 209 → BNSS 232 · Commitment of case to Court of Session when offence is triable exclusively by it
- CrPC 210 → BNSS 233 · Procedure when there is complaint case and police investigation for same offence
- CrPC 211 → BNSS 234 · Contents of charge
- CrPC 212 → BNSS 235 · Particulars as to time, place and person
- CrPC 214 → BNSS 237 · Words in charge taken in sense of law under which offence is punishable
- CrPC 215 → BNSS 238 · Effect of errors
- CrPC 216 → BNSS 239 · Court may alter charge
- CrPC 217 → BNSS 240 · Recall of witnesses when charge altered