CrPC → BNSS
CrPC 223 BNSS में: धारा 246
What persons may be charged jointly
CrPC
223
BNSS
246
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 223 "What persons may be charged jointly" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 246 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 223 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 223 (What persons may be charged jointly) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 246 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 219 → BNSS 242 · Offences of same kind within year may be charged together
- CrPC 220 → BNSS 243 · Trial for more than one offence
- CrPC 221 → BNSS 244 · Where it is doubtful what offence has been committed
- CrPC 222 → BNSS 245 · When offence proved included in offence charged
- CrPC 224 → BNSS 247 · Withdrawal of remaining charges on conviction on one of several charges
- CrPC 225 → BNSS 248 · Trial to be conducted by Public Prosecutor
- CrPC 226 → BNSS 249 · Opening case for prosecution
- CrPC 227 → BNSS 250 · Discharge