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CrPC 270 BNSS में: धारा 305
Prisoner to be brought to Court in custody
CrPC
270
BNSS
305
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 270 "Prisoner to be brought to Court in custody" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 305 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 270 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 270 (Prisoner to be brought to Court in custody) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 305 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 266 → BNSS 301 · Definitions
- CrPC 267 → BNSS 302 · Power to require attendance of prisoners
- CrPC 268 → BNSS 303 · Power of State Government to exclude certain persons from operation of section 267
- CrPC 269 → BNSS 304 · Officer in charge of prison to abstain from carrying out order in certain contingencies
- CrPC 271 → BNSS 306 · Power to issue commission for examination of witness in prison
- CrPC 272 → BNSS 307 · Language of Courts
- CrPC 273 → BNSS 308 · Evidence to be taken in presence of accused
- CrPC 274 → BNSS 309 · Record in summons-cases and inquiries