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CrPC 282 BNSS में: धारा 317
Interpreter to be bound to interpret truthfully
CrPC
282
BNSS
317
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 282 "Interpreter to be bound to interpret truthfully" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 317 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 282 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 282 (Interpreter to be bound to interpret truthfully) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 317 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 278 → BNSS 313 · Procedure in regard to such evidence when completed
- CrPC 279 → BNSS 314 · Interpretation of evidence to accused or his advocate
- CrPC 280 → BNSS 315 · Remarks respecting demeanour of witness
- CrPC 281 → BNSS 316 · Record of examination of accused
- CrPC 283 → BNSS 318 · Record in High Court
- CrPC 284 → BNSS 319 · When attendance of witness may be dispensed with and commission issued
- CrPC 285 → BNSS 320 · Commission to whom to be issued
- CrPC 286 → BNSS 321 · Execution of commissions