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CrPC 303 BNSS में: धारा 340
Right of person against whom proceedings are instituted to be defended
CrPC
303
BNSS
340
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 303 "Right of person against whom proceedings are instituted to be defended" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 340 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 303 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 303 (Right of person against whom proceedings are instituted to be defended) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 340 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 300 → BNSS 337 · Person once convicted or acquitted not to be tried for same offence
- CrPC 301 → BNSS 338 · Appearance by Public Prosecutors
- CrPC 302 → BNSS 339 · Permission to conduct prosecution
- CrPC 304 → BNSS 341 · Legal aid to accused at State expense in certain cases
- CrPC 305 → BNSS 342 · Procedure when corporation or registered society is an accused
- CrPC 306 → BNSS 343 · Tender of pardon to accomplice
- CrPC 307 → BNSS 344 · Power to direct tender of pardon