CrPC → BNSS
CrPC 355 BNSS में: धारा Deleted
Metropolitan Magistrate's judgment
CrPC
355
BNSS
Deleted
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 355 "Metropolitan Magistrate's judgment" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा Deleted है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 355 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 355 (Metropolitan Magistrate's judgment) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा Deleted से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 351 → BNSS 390 · Appeals from convictions under sections 344, 345, 349 and 350
- CrPC 352 → BNSS 391 · Certain Judges and Magistrates not to try certain offences when committed before themselves
- CrPC 353 → BNSS 392 · Judgment
- CrPC 354 → BNSS 393 · Language and contents of judgment
- CrPC 356 → BNSS 394 · Order for notifying address of previously convicted offender
- CrPC 357 → BNSS 395 · Order to pay compensation
- CrPC 357A → BNSS 396 · Victim compensation scheme
- CrPC 357B → BNSS New · Compensation to persons groundlessly arrested from police