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CrPC 65 BNSS में: धारा 67
Procedure when service cannot be effected as before provided
CrPC
65
BNSS
67
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 65 "Procedure when service cannot be effected as before provided" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 67 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 65 का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 65 (Procedure when service cannot be effected as before provided) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 67 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 61 → BNSS 63 · Form of summons
- CrPC 62 → BNSS 64 · Summons how served
- CrPC 63 → BNSS 65 · Service of summons on corporate bodies and societies
- CrPC 64 → BNSS 66 · Service when persons summoned cannot be found
- CrPC 66 → BNSS 68 · Service on Government servant
- CrPC 67 → BNSS 69 · Service of summons outside local limits
- CrPC 68 → BNSS 70 · Proof of service and when serving officer not present
- CrPC 69 → BNSS 71 · Service of summons on witness