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परिसीमा अवधि कैलकुलेटर

प्रो

परिसीमा अधिनियम के अंतर्गत वाद, अपील या आवेदन दाखिल करने की समय सीमा जानें।

मामले का प्रकार

प्रो

प्रावधान: Article 19, Limitation Act, 1963

परिसीमा अवधि: 3 वर्ष

अवधि प्रारंभ: जब ऋण दिया गया

परिसीमा देखने हेतु मामला व उद्भव तिथि चुनें।

परिसीमा अवधि क्या है?

परिसीमा अवधि वह समय है जिसके भीतर वाद, अपील या आवेदन दाखिल करना आवश्यक है। यह परिसीमा अधिनियम, 1963 (व कुछ विशेष अधिनियमों) द्वारा निर्धारित है। अवधि समाप्त होने पर उपचार सामान्यतः बाधित हो जाता है — न्यायालय कालबाधित वाद पर विचार नहीं करता चाहे दावा अन्यथा सही हो। यह कैलकुलेटर मामला व वाद-हेतुक उद्भव तिथि लेकर दाखिल करने की अंतिम तिथि, शेष दिन, व अवधि प्रारंभ बिंदु निकालता है।

अवधि कैसे गिनी जाती है (धारा 12, 4 व 5)

धारा 12 उस दिन को छोड़ देती है जिससे अवधि गिनी जाती है, अतः 1 जनवरी 2020 से तीन वर्ष की अवधि 1 जनवरी 2023 को समाप्त होती है। धारा 4 के अनुसार यदि अंतिम दिन न्यायालय बंद हो, तो अगले खुलने वाले दिन दाखिल किया जा सकता है। धारा 5 अपील या आवेदन (वाद नहीं) में पर्याप्त कारण दिखाने पर विलंब क्षमा करने की अनुमति देती है। कैलकुलेटर धारा 12 नियम लागू करता है व धारा 4 व 5 को टिप्पणियों में दर्शाता है।

सामान्य परिसीमा अवधियाँ

अक्सर आवश्यक अवधियाँ: उधार धन, माल मूल्य, कार्य व संविदा भंग — 3 वर्ष; विनिर्दिष्ट पालन — पालन हेतु नियत तिथि से 3 वर्ष; स्वत्व पर अचल संपत्ति कब्ज़ा — प्रतिवादी का कब्ज़ा प्रतिकूल होने से 12 वर्ष; डिक्री निष्पादन — 12 वर्ष; उच्च न्यायालय में अपील — 90 दिन, अन्य न्यायालय — 30 दिन; एकपक्षीय डिक्री अपास्त/समीक्षा — 30 दिन; धारा 138 चेक परिवाद — वाद-हेतुक से एक माह; व अवशिष्ट अनुच्छेद 113 (वाद) व 137 (आवेदन) — 3 वर्ष। टूल प्रत्येक हेतु सही अनुच्छेद व प्रारंभ बिंदु उद्धृत करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धन वसूली वाद हेतु परिसीमा अवधि क्या है?
उधार धन हेतु 3 वर्ष, ऋण दिए जाने से (अनुच्छेद 19); बेचे माल के मूल्य हेतु 3 वर्ष, परिदान से (अनुच्छेद 14); संविदा भंग हेतु 3 वर्ष, भंग होने से (अनुच्छेद 55)। बिना विशिष्ट अनुच्छेद वाले वाद की अवशिष्ट अवधि 3 वर्ष है (अनुच्छेद 113)।
क्या कालबाधित विलंब क्षमा हो सकता है?
परिसीमा अधिनियम की धारा 5 न्यायालय को अपील या आवेदन में विलंब क्षमा करने की अनुमति देती है यदि पक्षकार पर्याप्त कारण दिखाए। यह वादों पर लागू नहीं होती। यह टूल दर्शाता है कि धारा 5 कहाँ उपलब्ध हो सकती है।
क्या यह कानूनी सलाह का विकल्प है?
नहीं। सही अनुच्छेद व प्रारंभ बिंदु प्रायः सटीक वाद-हेतुक व तथ्यों पर निर्भर करते हैं, तथा अपवाद (अवयस्कता, कपट, धारा 18 अभिस्वीकृति, धारा 19 आंशिक भुगतान) गणना बदल सकते हैं। इसे त्वरित संदर्भ मानें व मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

संबंधित टूल

केवल संदर्भ हेतु — यह कानूनी सलाह नहीं है। कृपया आधिकारिक बेयर एक्ट से पुष्टि करें और किसी अधिवक्ता से परामर्श लें।