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CrPC 437A BNSS में: धारा 481
Bail to require accused to appear before next appellate Court
CrPC
437A
BNSS
481
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 437A "Bail to require accused to appear before next appellate Court" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 481 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official CrPC/BNSS Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- CrPC धारा 437A का BNSS समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, CrPC धारा 437A (Bail to require accused to appear before next appellate Court) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 481 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- CrPC 435 → BNSS 477 · State Government to act after consultation with Central Government in certain cases
- CrPC 436 → BNSS 478 · In what cases bail to be taken
- CrPC 436A → BNSS 479 · Maximum period for which undertrial prisoner can be detained
- CrPC 437 → BNSS 480 · When bail may be taken in case of non-bailable offence
- CrPC 438 → BNSS 482 · Direction for grant of bail to person apprehending arrest
- CrPC 439 → BNSS 483 · Special powers of High Court or Court of Session regarding bail
- CrPC 440 → BNSS 484 · Amount of bond and reduction thereof
- CrPC 441 → BNSS 485 · Bond of accused and sureties