IEA → BSA
IEA 32 BSA में: धारा 26
Dead person statement relevancy
IEA
32
BSA
26
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के अंतर्गत धारा 32 "Dead person statement relevancy" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 26 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official Evidence Act/BSA Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- IEA धारा 32 का BSA समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, IEA धारा 32 (Dead person statement relevancy) भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 26 से मेल खाती है।
- यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
- यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IEA 28 → BSA 22 Proviso 1 · Post-inducement confession relevancy
- IEA 29 → BSA 22 Proviso 2 · Secrecy promise confession relevancy
- IEA 30 → BSA 24 · Joint trial confession consideration
- IEA 31 → BSA 25 · Admission estoppel effect
- IEA 33 → BSA 27 · Subsequent proceeding evidence relevancy
- IEA 34 → BSA 28 · Account book entries relevancy
- IEA 35 → BSA 29 · Public record entry relevancy
- IEA 36 → BSA 30 · Maps, charts, plans statements