Skip to content

IEABSA

IEA 33 BSA में: धारा 27

Subsequent proceeding evidence relevancy

IEA

33

BSA

27

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के अंतर्गत धारा 33 "Subsequent proceeding evidence relevancy" से संबंधित थी। 1 जुलाई 2024 से इसका समकक्ष प्रावधान भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 27 है। यह आधिकारिक संगति है — सटीक वर्तमान पाठ हेतु सदैव मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

यह पृष्ठ केवल आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। सटीक पाठ या प्रक्रियात्मक प्रभावों हेतु निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।

आधिकारिक स्रोत

स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official Evidence Act/BSA Section Table. सत्यापन दिनांक 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IEA धारा 33 का BSA समकक्ष क्या है?
आधिकारिक तुलनात्मक तालिका के अनुसार, IEA धारा 33 (Subsequent proceeding evidence relevancy) भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 27 से मेल खाती है।
यह परिवर्तन कब लागू हुआ?
यह प्रतिस्थापन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ। उस तिथि से पहले दर्ज मामले भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।

निकटवर्ती धाराएँ