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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 124A बीएनएस में: धारा 152

भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्य

IPC

124A

BNS

152

ज़मानती: नहींसंज्ञेय: हाँशमनीय: नहीं
अपराध
भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्य
दंड
आजीवन कारावास, या 7 वर्ष तक का कारावास, और जुर्माना।
विचारणीय
सत्र न्यायालय
टिप्पणी
Recast from the former sedition offence; scope and ingredients differ — verify wording against the bare Act.

स्रोत एवं सत्यापित

स्रोत: NCRB, BPRD, jurigram.com, golegalconsultancy.com (all agree). सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी 124A का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आईपीसी धारा 124A (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्य) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 152 से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
बीएनएस धारा 152 के अंतर्गत दंड क्या है?
आजीवन कारावास, या 7 वर्ष तक का कारावास, और जुर्माना।
क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
ज़मानती: नहीं। संज्ञेय: हाँ। विचारणीय: सत्र न्यायालय। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।

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