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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 34 बीएनएस में: धारा 3(5)

सामान्य आशय के अग्रसरण में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य

IPC

34

BNS

3(5)

ज़मानती: संज्ञेय: शमनीय:
अपराध
सामान्य आशय के अग्रसरण में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य
दंड
स्वतंत्र अपराध नहीं — प्रत्येक व्यक्ति ऐसे उत्तरदायी होता है मानो कार्य अकेले उसी ने किया हो।
विचारणीय
लागू नहीं — यह सामान्य दायित्व प्रावधान है, स्वतंत्र अपराध नहीं
टिप्पणी
General provision applied alongside a substantive offence (e.g. "302/34").

स्रोत एवं सत्यापित

स्रोत: NCRB comparative table; cross-checked jurigram.com, golegalconsultancy.com. सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी 34 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आईपीसी धारा 34 (सामान्य आशय के अग्रसरण में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 3(5) से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
बीएनएस धारा 3(5) के अंतर्गत दंड क्या है?
स्वतंत्र अपराध नहीं — प्रत्येक व्यक्ति ऐसे उत्तरदायी होता है मानो कार्य अकेले उसी ने किया हो।
क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
ज़मानती: —। संज्ञेय: —। विचारणीय: लागू नहीं — यह सामान्य दायित्व प्रावधान है, स्वतंत्र अपराध नहीं। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।

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