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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 302 बीएनएस में: धारा 103(1)

हत्या (दंड)

IPC

302

BNS

103(1)

ज़मानती: नहींसंज्ञेय: हाँशमनीय: नहीं
अपराध
हत्या (दंड)
दंड
मृत्युदंड, या आजीवन कारावास, और जुर्माना।
विचारणीय
सत्र न्यायालय
टिप्पणी
BNS 103(2) additionally covers mob lynching — a new provision, not a re-mapping of IPC 302.

स्रोत एवं सत्यापित

स्रोत: NCRB, BPRD, jurigram.com, lawsikho.com, golegalconsultancy.com (all agree). सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी 302 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आईपीसी धारा 302 (हत्या (दंड)) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
बीएनएस धारा 103(1) के अंतर्गत दंड क्या है?
मृत्युदंड, या आजीवन कारावास, और जुर्माना।
क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
ज़मानती: नहीं। संज्ञेय: हाँ। विचारणीय: सत्र न्यायालय। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।

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