आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 104 बीएनएस में: धारा 42
When such right extends to causing any harm other than death
IPC
104
BNS
42
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 104 “When such right extends to causing any harm other than death” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 42 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 104 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 104 (When such right extends to causing any harm other than death) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 42 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 100 → BNS 38 · When right of private defence of body extends to causing death
- IPC 101 → BNS 39 · When such right extends to causing any harm other than death
- IPC 102 → BNS 40 · Commencement and continuance of right of private defence of body
- IPC 103 → BNS 41 · When right of private defence of property extends to causing death
- IPC 105 → BNS 43 · Commencement and continuance of right of private defence of property
- IPC 106 → BNS 44 · Right of private defence against deadly assault when risk of harm to innocent person
- IPC 107 → BNS 45 · Abetment of a thing
- IPC 108 → BNS 46 · Abettor