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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 153A बीएनएस में: धारा 196

धर्म, जाति आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना

IPC

153A

BNS

196

ज़मानती: हाँसंज्ञेय: हाँशमनीय: नहीं
अपराध
धर्म, जाति आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना
दंड
3 वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों (पूजा स्थल पर किए जाने पर 5 वर्ष तक)।
विचारणीय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट / सत्र न्यायालय (पूजा स्थल पर होने की स्थिति में)

स्रोत एवं सत्यापित

स्रोत: golegalconsultancy.com; jurigram.com. सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी 153A का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आईपीसी धारा 153A (धर्म, जाति आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196 से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
बीएनएस धारा 196 के अंतर्गत दंड क्या है?
3 वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों (पूजा स्थल पर किए जाने पर 5 वर्ष तक)।
क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
ज़मानती: हाँ। संज्ञेय: हाँ। विचारणीय: प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट / सत्र न्यायालय (पूजा स्थल पर होने की स्थिति में)। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।

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