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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 323 बीएनएस में: धारा 115(2)

स्वेच्छा से उपहति कारित करना

IPC

323

BNS

115(2)

ज़मानती: हाँसंज्ञेय: नहींशमनीय: हाँ
अपराध
स्वेच्छा से उपहति कारित करना
दंड
1 वर्ष तक कारावास, या ₹10,000 तक जुर्माना, या दोनों।
विचारणीय
कोई भी मजिस्ट्रेट

स्रोत एवं सत्यापित

स्रोत: NCRB, BPRD, jurigram.com, lawsikho.com, golegalconsultancy.com (all agree). सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी 323 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आईपीसी धारा 323 (स्वेच्छा से उपहति कारित करना) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 115(2) से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
बीएनएस धारा 115(2) के अंतर्गत दंड क्या है?
1 वर्ष तक कारावास, या ₹10,000 तक जुर्माना, या दोनों।
क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
ज़मानती: हाँ। संज्ञेय: नहीं। विचारणीय: कोई भी मजिस्ट्रेट। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।

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