आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 33 बीएनएस में: धारा 2(1), 2(25)
Act and Omission
IPC
33
BNS
2(1), 2(25)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 33 “Act and Omission” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 2(1), 2(25) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 33 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 33 (Act and Omission) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(1), 2(25) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 29 → BNS 2(8) · Document
- IPC 30 → BNS 2(31) · Valuable security
- IPC 31 → BNS 2(34) · A will
- IPC 32 → BNS 3(4) · Words referring to acts include illegal omissions
- IPC 34 → BNS 3(5) · Acts done by several persons in furtherance of common intention
- IPC 35 → BNS 3(6) · Acts criminal by reason of criminal knowledge or intention
- IPC 36 → BNS 3(7) · Effect caused partly by act and partly by omission
- IPC 37 → BNS 3(8) · Co-operation by doing one of several acts constituting an offence