आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 358 बीएनएस में: धारा 136
Assault or criminal force on grave provocation
IPC
358
BNS
136
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 358 “Assault or criminal force on grave provocation” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 136 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 358 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 358 (Assault or criminal force on grave provocation) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 136 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 354D → BNS 78 · Stalking
- IPC 355 → BNS 133 · Assault or criminal force with intent to dishonour person otherwise than on grave provocation
- IPC 356 → BNS 134 · Assault or criminal force in attempt to commit theft of property carried by a person
- IPC 357 → BNS 135 · Assault or criminal force in attempt wrongfully to confine a person
- IPC 359 → BNS 137(1)(a) · Kidnapping
- IPC 360 → BNS 137(1)(a) · Kidnapping from India
- IPC 361 → BNS 137(1)(b) · Kidnapping from lawful guardianship
- IPC 362 → BNS 138 · Abduction