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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 363 बीएनएस में: धारा 137(2)

अपहरण का दंड

IPC

363

BNS

137(2)

ज़मानती: नहींसंज्ञेय: हाँशमनीय: नहीं
अपराध
अपहरण का दंड
दंड
7 वर्ष तक कारावास, और जुर्माना।
विचारणीय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

स्रोत एवं सत्यापित

स्रोत: jurigram.com; golegalconsultancy.com. सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी 363 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आईपीसी धारा 363 (अपहरण का दंड) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 137(2) से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
बीएनएस धारा 137(2) के अंतर्गत दंड क्या है?
7 वर्ष तक कारावास, और जुर्माना।
क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
ज़मानती: नहीं। संज्ञेय: हाँ। विचारणीय: प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।

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