आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 41 बीएनएस में: धारा 2(30)
Special law
IPC
41
BNS
2(30)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 41 “Special law” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 2(30) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 41 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 41 (Special law) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(30) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 37 → BNS 3(8) · Co-operation by doing one of several acts constituting an offence
- IPC 38 → BNS 3(9) · Persons concerned in criminal act may be guilty of different offences
- IPC 39 → BNS 2(33) · Voluntarily
- IPC 40 → BNS 2(24) · Offence
- IPC 42 → BNS 2(18) · Local law
- IPC 43 → BNS 2(15) · Illegal and Legally bound to do
- IPC 44 → BNS 2(14) · Injury
- IPC 45 → BNS 2(17) · Life