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आईपीसी 445 बीएनएस में: धारा 330(2)
House-breaking
IPC
445
BNS
330(2)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 445 “House-breaking” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 330(2) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 445 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 445 (House-breaking) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 330(2) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 440 → BNS 324(6) · Mischief committed after preparation made for causing death or hurt
- IPC 441 → BNS 329(1) · Criminal trespass
- IPC 442 → BNS 329(2) · House-trespass
- IPC 443 → BNS 330(1) · Lurking house-trespass
- IPC 447 → BNS 329(3) · Punishment for criminal trespass
- IPC 448 → BNS 329(4) · Punishment for house-trespass
- IPC 449 → BNS 332(a) · House-trespass in order to commit offence punishable with death
- IPC 450 → BNS 332(b) · House-trespass in order to commit offence punishable with imprisonment for life