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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 463 बीएनएस में: धारा 336(2)

कूटरचना (जालसाजी)

IPC

463

BNS

336(2)

ज़मानती: हाँसंज्ञेय: नहींशमनीय: नहीं
अपराध
कूटरचना (जालसाजी)
दंड
2 वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों।
विचारणीय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

स्रोत एवं सत्यापित

स्रोत: NCRB comparative table. सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी 463 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आईपीसी धारा 463 (कूटरचना (जालसाजी)) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 336(2) से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
बीएनएस धारा 336(2) के अंतर्गत दंड क्या है?
2 वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों।
क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
ज़मानती: हाँ। संज्ञेय: नहीं। विचारणीय: प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।

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