आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 471 बीएनएस में: धारा 340(2)
कूटरचित दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को असली के रूप में प्रयोग करना
IPC
471
BNS
340(2)
ज़मानती: अपराध पर निर्भरसंज्ञेय: अपराध पर निर्भरशमनीय: नहीं
- अपराध
- कूटरचित दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को असली के रूप में प्रयोग करना
- दंड
- उस दस्तावेज़ की कूटरचना के समान दंड।
- विचारणीय
- संबंधित कूटरचना अपराध हेतु निर्धारित न्यायालय के समान
स्रोत एवं सत्यापित
स्रोत: NCRB comparative table. सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी 471 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आईपीसी धारा 471 (कूटरचित दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को असली के रूप में प्रयोग करना) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 340(2) से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
- बीएनएस धारा 340(2) के अंतर्गत दंड क्या है?
- उस दस्तावेज़ की कूटरचना के समान दंड।
- क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
- ज़मानती: अपराध पर निर्भर। संज्ञेय: अपराध पर निर्भर। विचारणीय: संबंधित कूटरचना अपराध हेतु निर्धारित न्यायालय के समान। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।
संबंधित धाराएँ
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