आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 499/500 बीएनएस में: धारा 356
मानहानि
IPC
499/500
BNS
356
ज़मानती: हाँसंज्ञेय: नहींशमनीय: हाँ
- अपराध
- मानहानि
- दंड
- 2 वर्ष तक साधारण कारावास, या जुर्माना, या दोनों।
- विचारणीय
- द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट
- टिप्पणी
- BNS 356 consolidates the former definition (IPC 499) and punishment (IPC 500) into one section with sub-clauses.
स्रोत एवं सत्यापित
स्रोत: jurigram.com (499→356); golegalconsultancy.com (500→356, same target section). सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी 499/500 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आईपीसी धारा 499/500 (मानहानि) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 356 से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
- बीएनएस धारा 356 के अंतर्गत दंड क्या है?
- 2 वर्ष तक साधारण कारावास, या जुर्माना, या दोनों।
- क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
- ज़मानती: हाँ। संज्ञेय: नहीं। विचारणीय: द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।
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