आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 5 बीएनएस में: धारा 1(6)
Certain laws not to be affected by this Act
IPC
5
BNS
1(6)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 5 “Certain laws not to be affected by this Act” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 1(6) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 5 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 5 (Certain laws not to be affected by this Act) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 1(6) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 1 → BNS 1(1) · Title and extent of operation of the Code
- IPC 2 → BNS 1(3) · Punishment of offences committed within India
- IPC 3 → BNS 1(4) · Punishment of offences committed beyond India
- IPC 4 → BNS 1(5) · Extension of Code to extra-territorial offences
- IPC 6 → BNS 3(1) · Definitions in the Code to be understood subject to exceptions
- IPC 7 → BNS 3(2) · Sense of expression once explained
- IPC 8 → BNS 2(10) · Gender
- IPC 9 → BNS 2(22) · Number