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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 505 बीएनएस में: धारा 353

लोक अशांति उत्पन्न करने वाले कथन

IPC

505

BNS

353

ज़मानती: हाँसंज्ञेय: हाँशमनीय: नहीं
अपराध
लोक अशांति उत्पन्न करने वाले कथन
दंड
3 वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों (सांप्रदायिक कथनों हेतु अधिक)।
विचारणीय
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

स्रोत एवं सत्यापित

स्रोत: NCRB comparative table. सत्यापन दिनांक 2026-07-11. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी 505 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आईपीसी धारा 505 (लोक अशांति उत्पन्न करने वाले कथन) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 353 से मेल खाती है, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई।
बीएनएस धारा 353 के अंतर्गत दंड क्या है?
3 वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों (सांप्रदायिक कथनों हेतु अधिक)।
क्या यह ज़मानती और संज्ञेय है?
ज़मानती: हाँ। संज्ञेय: हाँ। विचारणीय: प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट। मूल अधिनियम से पुष्टि अवश्य करें।

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