आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 212 बीएनएस में: धारा 249
Harbouring offender
IPC
212
BNS
249
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 212 “Harbouring offender” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 249 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 212 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 212 (Harbouring offender) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 249 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 208 → BNS 245 · Fraudulently suffering decree for sum not due
- IPC 209 → BNS 246 · Dishonestly making false claim in Court
- IPC 210 → BNS 247 · Fraudulently obtaining decree for sum not due
- IPC 211 → BNS 248 · False charge of offence made with intent to injure
- IPC 213 → BNS 250 · Taking gift to screen an offender from punishment
- IPC 214 → BNS 251 · Offering gift or restoration of property in consideration of screening offender
- IPC 215 → BNS 252 · Taking gift to help to recover stolen property
- IPC 216 → BNS 253 · Harbouring offender who has escaped from custody or whose apprehension has been ordered