आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 293 बीएनएस में: धारा 295
Sale etc. of obscene objects to young person
IPC
293
BNS
295
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 293 “Sale etc. of obscene objects to young person” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 295 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 293 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 293 (Sale etc. of obscene objects to young person) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 295 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 289 → BNS 291 · Negligent conduct with respect to animal
- IPC 290 → BNS 292 · Punishment for public nuisance in cases not otherwise provided for
- IPC 291 → BNS 293 · Continuance of nuisance after injunction to discontinue
- IPC 292 → BNS 294 · Sale etc. of obscene books
- IPC 294 → BNS 296 · Obscene acts and songs
- IPC 294A → BNS 297 · Keeping lottery office
- IPC 295 → BNS 298 · Injuring or defiling place of worship with intent to insult religion of any class
- IPC 295A → BNS 299 · Deliberate and malicious acts intended to outrage religious feelings of any class