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आईपीसी → बीएनएस

आईपीसी 295A बीएनएस में: धारा 299

Deliberate and malicious acts intended to outrage religious feelings of any class

IPC

295A

BNS

299

भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 295A “Deliberate and malicious acts intended to outrage religious feelings of any class” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 299 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।

यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।

आधिकारिक स्रोत

स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईपीसी धारा 295A का बीएनएस समकक्ष क्या है?
आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 295A (Deliberate and malicious acts intended to outrage religious feelings of any class) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 299 से मेल खाती है।
बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।

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