आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 336 बीएनएस में: धारा 125(1)
Act endangering life or personal safety of others
IPC
336
BNS
125(1)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 336 “Act endangering life or personal safety of others” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 125(1) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 336 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 336 (Act endangering life or personal safety of others) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 125(1) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 332 → BNS 121(1) · Voluntarily causing hurt to deter public servant from his duty
- IPC 333 → BNS 121(2) · Voluntarily causing grievous hurt to deter public servant from his duty
- IPC 334 → BNS 122(1) · Voluntarily causing hurt on provocation
- IPC 335 → BNS 122(2) · Voluntarily causing grievous hurt on provocation
- IPC 337 → BNS 125(a) · Causing hurt by act endangering life or personal safety of others
- IPC 338 → BNS 125(b) · Causing grievous hurt by act endangering life or personal safety of others
- IPC 339 → BNS 126(1) · Wrongful restraint
- IPC 340 → BNS 127(1) · Wrongful confinement