आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 340 बीएनएस में: धारा 127(1)
Wrongful confinement
IPC
340
BNS
127(1)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 340 “Wrongful confinement” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 127(1) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 340 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 340 (Wrongful confinement) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 127(1) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 336 → BNS 125(1) · Act endangering life or personal safety of others
- IPC 337 → BNS 125(a) · Causing hurt by act endangering life or personal safety of others
- IPC 338 → BNS 125(b) · Causing grievous hurt by act endangering life or personal safety of others
- IPC 339 → BNS 126(1) · Wrongful restraint
- IPC 341 → BNS 126(2) · Punishment for wrongful restraint
- IPC 342 → BNS 127(2) · Punishment for wrongful confinement
- IPC 343 → BNS 127(3) · Wrongful confinement for three or more days
- IPC 344 → BNS 127(4) · Wrongful confinement for ten or more days