आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 378 बीएनएस में: धारा 303(1)
Theft
IPC
378
BNS
303(1)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 378 “Theft” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 303(1) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 378 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 378 (Theft) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303(1) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 376D → BNS 70(1) · Gang rape
- IPC 376DA → BNS 70(2) · Punishment for gang rape on woman under sixteen years of age
- IPC 376DB → BNS 70(2) · Punishment for gang rape on woman under twelve years of age
- IPC 376E → BNS 71 · Punishment for repeat offenders
- IPC 379 → BNS 303(2) · Punishment for theft
- IPC 380 → BNS 305 · Theft in dwelling house etc.
- IPC 381 → BNS 306 · Theft by clerk or servant of property in possession of master
- IPC 382 → BNS 307 · Theft after preparation made for causing death hurt or restraint