आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 381 बीएनएस में: धारा 306
Theft by clerk or servant of property in possession of master
IPC
381
BNS
306
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 381 “Theft by clerk or servant of property in possession of master” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 306 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 381 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 381 (Theft by clerk or servant of property in possession of master) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 306 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 376E → BNS 71 · Punishment for repeat offenders
- IPC 378 → BNS 303(1) · Theft
- IPC 379 → BNS 303(2) · Punishment for theft
- IPC 380 → BNS 305 · Theft in dwelling house etc.
- IPC 382 → BNS 307 · Theft after preparation made for causing death hurt or restraint
- IPC 383 → BNS 308(1) · Extortion
- IPC 384 → BNS 308(2) · Punishment for extortion
- IPC 385 → BNS 308(3) · Putting person in fear of injury in order to commit extortion