आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 389 बीएनएस में: धारा 308(6)
Putting person in fear or accusation of offence in order to commit extortion
IPC
389
BNS
308(6)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 389 “Putting person in fear or accusation of offence in order to commit extortion” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 308(6) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 389 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 389 (Putting person in fear or accusation of offence in order to commit extortion) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 308(6) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 385 → BNS 308(3) · Putting person in fear of injury in order to commit extortion
- IPC 386 → BNS 308(5) · Extortion by putting a person in fear of death or grievous hurt
- IPC 387 → BNS 308(4) · Putting person in fear of death or of grievous hurt in order to commit extortion
- IPC 388 → BNS 308(7) · Extortion by threat of accusation of an offence punishable with death or imprisonment for life
- IPC 390 → BNS 309(1)(2)(3) · Robbery
- IPC 391 → BNS 310(1) · Dacoity
- IPC 392 → BNS 309(4) · Punishment for robbery
- IPC 393 → BNS 309(5) · Attempt to commit robbery