आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 405 बीएनएस में: धारा 316(1)
Criminal breach of trust
IPC
405
BNS
316(1)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 405 “Criminal breach of trust” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 316(1) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 405 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 405 (Criminal breach of trust) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(1) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 401 → BNS 313 · Punishment for belonging to gang of thieves
- IPC 402 → BNS 310(5) · Assembling for purpose of committing dacoity
- IPC 403 → BNS 314 · Dishonest misappropriation of property
- IPC 404 → BNS 315 · Dishonest misappropriation of property possessed by deceased person at the time of his death
- IPC 406 → BNS 316(2) · Punishment for criminal breach of trust
- IPC 407 → BNS 316(3) · Criminal breach of trust by carrier
- IPC 408 → BNS 316(4) · Criminal breach of trust by clerk or servant
- IPC 409 → BNS 316(5) · Criminal breach of trust by public servant or by banker merchant or agent