आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 408 बीएनएस में: धारा 316(4)
Criminal breach of trust by clerk or servant
IPC
408
BNS
316(4)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 408 “Criminal breach of trust by clerk or servant” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 316(4) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 408 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 408 (Criminal breach of trust by clerk or servant) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(4) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 404 → BNS 315 · Dishonest misappropriation of property possessed by deceased person at the time of his death
- IPC 405 → BNS 316(1) · Criminal breach of trust
- IPC 406 → BNS 316(2) · Punishment for criminal breach of trust
- IPC 407 → BNS 316(3) · Criminal breach of trust by carrier
- IPC 409 → BNS 316(5) · Criminal breach of trust by public servant or by banker merchant or agent
- IPC 410 → BNS 317(1) · Stolen property
- IPC 411 → BNS 317(2) · Dishonestly receiving stolen property
- IPC 412 → BNS 317(3) · Dishonestly receiving property stolen in the commission of a dacoity