आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 479 बीएनएस में: धारा 345(1)
Property mark
IPC
479
BNS
345(1)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 479 “Property mark” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 345(1) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 479 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 479 (Property mark) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 345(1) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 475 → BNS 342(1) · Counterfeiting device or mark used for authenticating documents described in section 467 or possessing counterfeit marked material
- IPC 476 → BNS 342(2) · Counterfeiting device or mark used for authenticating documents other than those described in section 467 or possessing counterfeit marked material
- IPC 477 → BNS 343 · Fraudulent cancellation destruction of will authority to adopt or valuable security
- IPC 477A → BNS 344 · Falsification of accounts
- IPC 481 → BNS 345(2) · Using a false property mark
- IPC 482 → BNS 345(3) · Punishment for using a false property mark
- IPC 483 → BNS 347(1) · Counterfeiting a property mark used by another
- IPC 484 → BNS 347(2) · Counterfeiting a mark used by a public servant