आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 93 बीएनएस में: धारा 31
Communication made in good faith
IPC
93
BNS
31
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 93 “Communication made in good faith” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 31 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 93 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 93 (Communication made in good faith) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 31 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 89 → BNS 27 · Act done in good faith for benefit of child or person of unsound mind by or by consent of guardian
- IPC 90 → BNS 28 · Consent known to be given under fear or misconception
- IPC 91 → BNS 29 · Exclusion of acts which are offences independently of harm caused
- IPC 92 → BNS 30 · Act done in good faith for benefit of person without consent
- IPC 94 → BNS 32 · Act to which a person is compelled by threats
- IPC 95 → BNS 33 · Act causing slight harm
- IPC 96 → BNS 34 · Things done in private defence
- IPC 97 → BNS 35 · Right of private defence of body and of property