आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 95 बीएनएस में: धारा 33
Act causing slight harm
IPC
95
BNS
33
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 95 “Act causing slight harm” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 33 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 95 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 95 (Act causing slight harm) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 33 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 91 → BNS 29 · Exclusion of acts which are offences independently of harm caused
- IPC 92 → BNS 30 · Act done in good faith for benefit of person without consent
- IPC 93 → BNS 31 · Communication made in good faith
- IPC 94 → BNS 32 · Act to which a person is compelled by threats
- IPC 96 → BNS 34 · Things done in private defence
- IPC 97 → BNS 35 · Right of private defence of body and of property
- IPC 98 → BNS 36 · Right of private defence against act of person of unsound mind
- IPC 99 → BNS 37 · Acts against which there is no right of private defence