आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 158 बीएनएस में: धारा 189(8)
Being hired to take part in unlawful assembly or riot
IPC
158
BNS
189(8)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 158 “Being hired to take part in unlawful assembly or riot” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 189(8) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 158 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 158 (Being hired to take part in unlawful assembly or riot) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 189(8) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 154 → BNS 193(1) · Owner or occupier of land on which unlawful assembly is held
- IPC 155 → BNS 193(2) · Liability of person for whose benefit riot is committed
- IPC 156 → BNS 193(3) · Liability of agent of owner or occupier for whose benefit riot is committed
- IPC 157 → BNS 189(7) · Harbouring persons hired for an unlawful assembly
- IPC 159 → BNS 194(1) · Affray
- IPC 160 → BNS 194(2) · Punishment for committing affray
- IPC 166 → BNS 198 · Public servant disobeying law with intent to cause injury to any person
- IPC 166A → BNS 199 · Public servant disobeying direction under law