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आईपीसी 160 बीएनएस में: धारा 194(2)
Punishment for committing affray
IPC
160
BNS
194(2)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 160 “Punishment for committing affray” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 194(2) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 160 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 160 (Punishment for committing affray) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 194(2) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 156 → BNS 193(3) · Liability of agent of owner or occupier for whose benefit riot is committed
- IPC 157 → BNS 189(7) · Harbouring persons hired for an unlawful assembly
- IPC 158 → BNS 189(8) · Being hired to take part in unlawful assembly or riot
- IPC 159 → BNS 194(1) · Affray
- IPC 166 → BNS 198 · Public servant disobeying law with intent to cause injury to any person
- IPC 166A → BNS 199 · Public servant disobeying direction under law
- IPC 166B → BNS 200 · Punishment for non-treatment of victim
- IPC 167 → BNS 201 · Public servant framing an incorrect document with intent to cause injury