आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 169 बीएनएस में: धारा 203
Public servant unlawfully buying or bidding for property
IPC
169
BNS
203
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 169 “Public servant unlawfully buying or bidding for property” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 203 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 169 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 169 (Public servant unlawfully buying or bidding for property) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 203 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 166A → BNS 199 · Public servant disobeying direction under law
- IPC 166B → BNS 200 · Punishment for non-treatment of victim
- IPC 167 → BNS 201 · Public servant framing an incorrect document with intent to cause injury
- IPC 168 → BNS 202 · Public servant unlawfully engaging in trade
- IPC 170 → BNS 204 · Personating a public servant
- IPC 171 → BNS 205 · Wearing garb or carrying token used by public servant with fraudulent intent
- IPC 171-I → BNS 177 · Failure to keep election accounts
- IPC 171A → BNS 169 · Candidate electoral right defined