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आईपीसी 200 बीएनएस में: धारा 237
Using as true such declaration knowing it to be false
IPC
200
BNS
237
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 200 “Using as true such declaration knowing it to be false” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 237 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 200 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 200 (Using as true such declaration knowing it to be false) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 237 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 196 → BNS 233 · Using evidence known to be false
- IPC 197 → BNS 234 · Issuing or signing false certificate
- IPC 198 → BNS 235 · Using as true a certificate known to be false
- IPC 199 → BNS 236 · False statement made in declaration which is by law receivable as evidence
- IPC 201 → BNS 238 · Causing disappearance of evidence of offence or giving false information to screen offender
- IPC 202 → BNS 239 · Intentional omission to give information of offence by person bound to inform
- IPC 203 → BNS 240 · Giving false information respecting an offence committed
- IPC 204 → BNS 241 · Destruction of document to prevent its production as evidence