आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 198 बीएनएस में: धारा 235
Using as true a certificate known to be false
IPC
198
BNS
235
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 198 “Using as true a certificate known to be false” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 235 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 198 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 198 (Using as true a certificate known to be false) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 235 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 195 → BNS 231 · Giving or fabricating false evidence with intent to procure conviction of offence punishable with imprisonment
- IPC 195A → BNS 232 · Threatening any person to give false evidence
- IPC 196 → BNS 233 · Using evidence known to be false
- IPC 197 → BNS 234 · Issuing or signing false certificate
- IPC 199 → BNS 236 · False statement made in declaration which is by law receivable as evidence
- IPC 200 → BNS 237 · Using as true such declaration knowing it to be false
- IPC 201 → BNS 238 · Causing disappearance of evidence of offence or giving false information to screen offender
- IPC 202 → BNS 239 · Intentional omission to give information of offence by person bound to inform