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आईपीसी 466 बीएनएस में: धारा 337
Forgery of record of Court or of public register
IPC
466
BNS
337
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 466 “Forgery of record of Court or of public register” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 337 है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 466 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 466 (Forgery of record of Court or of public register) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 337 से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 462 → BNS 334(2) · Punishment for same offence when committed by person entrusted with custody
- IPC 463 → BNS 336(1) · Forgery
- IPC 464 → BNS 335 · Making a false document
- IPC 465 → BNS 336(2) · Punishment for forgery
- IPC 467 → BNS 338 · Forgery of valuable security will
- IPC 468 → BNS 336(3) · Forgery for purpose of cheating
- IPC 469 → BNS 336(4) · Forgery for purpose of harming reputation
- IPC 470 → BNS 340(1) · Forged document or electronic record