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आईपीसी 501 बीएनएस में: धारा 356(3)
Printing or engraving matter known to be defamatory
IPC
501
BNS
356(3)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 501 “Printing or engraving matter known to be defamatory” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 356(3) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 501 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 501 (Printing or engraving matter known to be defamatory) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 356(3) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 498 → BNS 84 · Enticing or taking away or detaining with criminal intent a married woman
- IPC 498A → BNS 85 · Husband or relative of husband of a woman subjecting her to cruelty
- IPC 499 → BNS 356(1) · Defamation
- IPC 500 → BNS 356(2) · Punishment for defamation
- IPC 502 → BNS 356(4) · Sale of printed or engraved substance containing defamatory matter
- IPC 503 → BNS 351(1) · Criminal intimidation
- IPC 504 → BNS 352 · Intentional insult with intent to provoke breach of the peace
- IPC 505 → BNS 353 · Statements conducing to public mischief