आईपीसी → बीएनएस
आईपीसी 503 बीएनएस में: धारा 351(1)
Criminal intimidation
IPC
503
BNS
351(1)
भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत धारा 503 “Criminal intimidation” से संबंधित थी। भारतीय न्याय संहिता, 2023 के 1 जुलाई 2024 से लागू होने के बाद, इसका समकक्ष प्रावधान बीएनएस की धारा 351(1) है। संहिता ने पूरी संहिता को पुनः क्रमांकित किया, इसलिए पुराना आईपीसी क्रमांक आगे नहीं चलता — यह आधिकारिक मैपिंग है।
यह पृष्ठ आधिकारिक धारा-संख्या संगति देता है। इस धारा हेतु ज़मानती/संज्ञेय स्थिति, सटीक दंड एवं विचारण न्यायालय अभी हमारे हस्त-सत्यापित गाइड सेट में नहीं हैं — निर्भर होने से पूर्व मूल अधिनियम देखें या वकील से पूछें।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत: NCRB Sankalan Portal — official IPC/BNS Section Table. संकलित 2026-07-20. केवल संदर्भ हेतु — कानूनी सलाह नहीं। किसी भी दाखिले में उपयोग से पूर्व आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना एवं मूल अधिनियम से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आईपीसी धारा 503 का बीएनएस समकक्ष क्या है?
- आधिकारिक NCRB तुलनात्मक तालिका के अनुसार, आईपीसी धारा 503 (Criminal intimidation) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 351(1) से मेल खाती है।
- बीएनएस ने आईपीसी का स्थान कब लिया?
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लिया। उस तिथि से पहले दर्ज मामले आईपीसी के अंतर्गत ही चलते रहते हैं।
निकटवर्ती धाराएँ
- IPC 499 → BNS 356(1) · Defamation
- IPC 500 → BNS 356(2) · Punishment for defamation
- IPC 501 → BNS 356(3) · Printing or engraving matter known to be defamatory
- IPC 502 → BNS 356(4) · Sale of printed or engraved substance containing defamatory matter
- IPC 504 → BNS 352 · Intentional insult with intent to provoke breach of the peace
- IPC 505 → BNS 353 · Statements conducing to public mischief
- IPC 506 → BNS 351(2), 351(3) · Punishment for criminal intimidation
- IPC 507 → BNS 351(4) · Criminal intimidation by an anonymous communication